18 नवंबर 2022 - 20:08
दुश्मन इस्लमी गणराज्य को नहीं बल्कि ईरान को ही नहीं चाहतेः जनरल हातमी

इस्लामी गणराज्य ईरान के सशस्त्र बलों के जनरल कमांड के सलाहकार ने बल देकर कहा है कि दुश्मन न केवल इस्लामी गणराज्य को नहीं चाहता बल्कि वह ईरान को ही नहीं चाहता है।

प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, ईरान में कुर्द लड़की महसा अमीनी की मौत के बहाने हुए दंगों में आतंकवादियों के समर्थक चैनल ईरान इंटरनेशनल नेटवर्क ने अफवाह और झूठ फैलाने के अलावा, लगातार अलगाववादी, अरब और बलूच नेताओं को अपना मंच प्रदान किया है। इसका सबूत यह है कि दंगों के शुरुआती दिनों में इस चैनल ने 20 अलगाववादी नेताओं के 50  इंटर्व्यू लिए हैं। साथ ही इस बात में भी कोई संदेह नहीं है कि बीबीसी भी ईरान में अलगाववाद, हिंसा और आतंकवादी कार्यवाहियों को बढ़ावा देने में पीछे नहीं रहा है। ईरान के सशस्त्र बलों के जनरल कमांड के सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल अमीर हातमी ने इस बारे कहा है कि दुश्मन का लक्ष्य देश के आंतरिक विषयों को लेकर हिंसा भड़काना और उसमें उलझाना है ताकि हम अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र में भूमिका निभाने में सक्षम न रह सकें।

ब्रिगेडियर जनरल अमीर हातमी ने गुरुवार को सेना मुख्यालय के अधिकारियों, कमांडरों और कर्मचारियों की एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि इस्लामी गणराज्य ईरान के ख़िलाफ़ दुश्मनों द्वारा छेड़ी गई आज की जंग का एक हाइब्रिड युद्ध है जो संज्ञानात्मक युद्ध पर केंद्रित है। ईरान के सशस्त्र बलों के जनरल कमांड के सलाहकार ने इसी तरह कहा कि दुश्मनों को सांस्कृतिक युद्ध और अन्य क्षेत्रों में, जैसे दाइश और तकफ़ीरी गुटों को अस्तित्व में लाना, आर्थिक युद्ध और दमनकारी प्रतिबंधों समेत लगभग हर मोर्चे पर  हार के अलावा कुछ हाथ नहीं लगा है। (RZ)

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